तिरस्कार पाता हो अविरल
कामना हृदय में उत्स बहे,
अभिनव राग संरचना हेतु
वंचक के सतत द्वेश सहे,
विभावरी में डूबा भानु
रश्मि किससे पीर कहे ?
रत्नाकर की व्यथा क्या हो
जो निरंतर अमर्ष अधीर रहे ??
प्रभा का अनुराग है जिसमे
ह्रदय नहीं हो सकता उपल
वैमनस्य संसृति में चाहे
तिरस्कार पाता हो अविरल।।
_____ कीर्ति थापा